Hanuman Chalisa Path Vidhi 2026 हनुमान चालीसा पाठ करने की विधि: हिंदू धर्म में बजरंगबली को कलयुग का जागृत देवता माना जाता है, जो अपने भक्तों की हर पुकार को तुरंत सुनते हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ करना न केवल भय और रोगों का नाश करता है, बल्कि आत्मविश्वास और सुख-समृद्धि की प्राप्ति भी कराता है।
Hanuman Chalisa Path Vidhi 2026
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हालांकि, कई लोग अनजाने में पाठ करते समय कुछ गलतियाँ कर देते हैं, जिससे उन्हें पूरा फल नहीं मिल पाता। यदि आप भी हनुमान चालीसा पाठ करने की सही विधि (Correct Way of Reading Hanuman Chalisa) खोज रहे हैं, तो इस लेख में हम आपको सुबह और शाम पाठ करने के गुप्त नियम, आसन की दिशा और बजरंगबली को प्रसन्न करने के अचूक तरीके बताएंगे।
हनुमान चालीसा का पाठ करने की विधि | Hanuman Chalisa Path Karne KI Vidhi
- ब्रह्म मुहूर्त में उठकर दैनिक कार्यों जैसे शौच, दातुन आदि से निवृत्त हो जाएं।
- स्नान करने के बाद धुले हुए वस्त्र धारण करें। पिछले दिन पहने हुए वस्त्र या शौच आदि में प्रयोग किये वस्त्र को दोबारा न धारण करें।
- चौकी सजाएं और उस पर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर रखें।
- चौकी पर भगवान श्रीराम और माँ सीता की तस्वीर भी रखें। अगर राम दरबार है तो और भी उत्तम है।
- हनुमान जी की मूर्ति के समक्ष तांबे या पीतल के लोटे में गंगाजल मिला हुआ पानी भरकर रखें। लाल रंग के फूल हनुमान जी को अर्पित करें।
- हनुमान चालीसा शुरू करने से पहले दीप प्रज्ज्वलित ज़रूर करें। दीप में देसी गाय का घी या चमेली के तेल प्रयोग करें।
- हनुमान चालीसा का पाठ मध्यम स्वर में बोलकर करना चाहिए, आवाज न ज्यादा ऊंची हो और न ही बिल्कुल मंद हो।
- पाठ का उच्चारण सुमधुर, स्पष्ट और शुद्ध होना चाहिए।
- पाठ पूरा करने के बाद बजरंगबली को गुड़ और चने का प्रसाद चढ़ाएं।
हनुमान चालीसा पाठ करने के नियम | Hanuman Chalisa Path Karne Ke Niyam
- हनुमान चालीसा का पाठ जमीन पर आसन के ऊपर बैठकर करना चाहिए। बिना आसन के बैठकर पूजा करना अशुभ माना जाता है।
- पाठ आप सुबह या शाम के वक्त कर सकते हैं। अगर शाम के समय में पाठ कर रहे हैं तो अपने हाथ और पैर अच्छी तरह धोकर साफ कपड़े पहनने चाहिए।
- हनुमान चालीसा पढ़ने में जल्दबाजी न करें।
- मांस और शराब के सेवन से दूर रहें। मांस, शराब और अन्य तामसिक खाद्य पदार्थों को कभी ग्रहण न करें।
- अगर लहसुन और प्याज का सेवन भी नहीं करते है तो और भी उत्तम है।
- महिलाएं मासिक धर्म के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ न करें।
- जिस भी जगह पाठ कर रहे हैं जैसे कि मंदिर या अपने घर के पूजा स्थल में या किसी तीर्थ क्षेत्र में तो पहले उस स्थान की साफ सफाई और पवित्रता पर अवश्य ध्यान दें।
हनुमान चालीसा पाठ करने के लाभ | हनुमान चालीसा पाठ के फायदे Benefits of Reading Hanuman Chalisa
प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से मन शांत होता है और आध्यात्मिक बल मिलता है जिससे मनोबल बढ़ता है। श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से जो अद्भुत लाभ प्राप्त होते है उनका विवरण स्वयं हनुमान चालीसा में दिया गया है।
- प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से बल, बुद्धि और स्मरण शक्ति में अद्भुत विकास होता है और जीवन से गलत विचार, गृह क्लेश आदि से छुटकारा मिलता है।
| “बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।” |
- प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख की प्राप्ति होती और अकारण भय दूर होता है।
| “ सब सुख लहै तुम्हारी सरना। तुम रच्छक काहू को डर ना॥ ” |
- किसी भी तरह की नकारात्मक ऊर्जा, भूत, प्रेत-बाधा से छुटकारा मिलता है।
| “ भूत पिसाच निकट नहिं आवै। महाबीर जब नाम सुनावै॥ ” |
- प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से हर तरह के रोग से आराम मिलता है। हनुमान जी की कृपा से हर तरह की पीड़ा से छुटकारा मिलता है।
| “ नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा॥ ” |
- प्रतिदिन श्री हनुमान चालीसा का पाठ करने से हर तरह के संकट भले ही वह आर्थिक हो, न्यायिक हो , प्राणो का हो से छुटकारा मिलता है।
| “ संकट तें हनुमान छुड़ावै। मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥ ” “ संकट कटै मिटै सब पीरा। जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥ ” |
- श्री हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से किसी भी तरह की बाधा हो, बीमारी हो, प्रेत-बाधा का साया हो या फिर मानसिक परेशानी से हमें छुटकारा मिलता है और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।
| “ यह सत बार पाठ कर जोई। छूटहि बंदि महा सुख होई॥ ” |
- श्री हनुमान चालीसा का नित्य प्रतिदिन पाठ करने से हमें जीवन में सफलता जरूर मिलती है। स्वयं श्री हनुमान चालीसा में लिखा है की भगवान शंकर ने यह हनुमान चालीसा लिखवाया, इसलिए वे साक्षी है कि जो इसे पढ़ेगा वह निश्चित ही सफलता प्राप्त करेगा।
| “ जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा। होय सिद्धि साखी गौरीसा॥ ” |
हनुमान चालीसा पाठ करने का सबसे शुभ समय (Best Timing)
1. ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4:00 से 6:00 बजे): शास्त्रों के अनुसार, सूर्योदय से पहले का समय यानी ब्रह्म मुहूर्त हनुमान चालीसा के पाठ के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस समय वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा सबसे अधिक होती है और मन एकाग्र रहता है। सुबह स्नान के बाद लाल वस्त्र धारण करके पाठ करने से मानसिक शांति और कार्य सिद्धि प्राप्त होती है।
2. संध्या काल (सूर्यास्त के समय): शाम के समय जब दिन और रात मिल रहे हों (गोधूलि बेला), तब हनुमान चालीसा का पाठ करना बहुत प्रभावशाली होता है। माना जाता है कि शाम को पाठ करने से घर की नकारात्मक शक्तियाँ दूर भागती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
3. मंगलवार और शनिवार का विशेष महत्व: हनुमान जी को मंगलवार का स्वामी माना जाता है और शनिवार का संबंध शनि देव से है। यदि आप रोज पाठ नहीं कर पाते, तो इन दो दिनों में पाठ करना अनिवार्य माना गया है। विशेषकर शनिवार को पाठ करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैया के दोष दूर होते हैं।
4. रात को सोने से पहले: यदि आपको डरावने सपने आते हैं या मानसिक तनाव रहता है, तो रात को सोने से पहले हाथ-पैर धोकर शुद्ध मन से हनुमान चालीसा का पाठ करें। इससे भय दूर होता है और गहरी नींद आती है।
विशेष परिस्थितियों में पाठ का समय:
- संकट के समय: यदि आप किसी बड़ी मुसीबत में फंसे हैं, तो किसी भी समय “संकट कटे मिटे सब पीरा” का ध्यान करते हुए पाठ किया जा सकता है।
- ग्रहण या विशेष पर्व: चंद्र ग्रहण, सूर्य ग्रहण, हनुमान जयंती या दीपावली की रात को किया गया पाठ सिद्ध हो जाता है।
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