UPSSSC AGTA Syllabus 2026: UP Agriculture Technical Assistant सिलेबस और Exam Pattern की सम्पूर्ण जानकारी
UPSSSC AGTA 2026 — संक्षिप्त अवलोकन
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने UPSSSC AGTA Syllabus 2026 को आधिकारिक अधिसूचना के साथ जारी किया है। कृषि तकनीकी सहायक (AGTA) पद के लिए कुल 2759 रिक्तियां निकाली गई हैं। परीक्षा में बैठने से पहले UP Agriculture Technical Assistant Syllabus को अच्छी तरह समझना अनिवार्य है, क्योंकि सिलेबस ही आपकी तैयारी की दिशा तय करता है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| भर्ती बोर्ड | UPSSSC (उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) |
| पद का नाम | कृषि तकनीकी सहायक / Agriculture Technical Assistant (AGTA) |
| विज्ञापन संख्या | 06-परीक्षा/2026 |
| कुल पद | 2759 |
| परीक्षा का प्रकार | वस्तुनिष्ठ (Objective Type — MCQ) |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| समय | 2 घंटे (120 मिनट) |
| Negative Marking | हाँ — 0.25 अंक प्रति गलत उत्तर |
| परीक्षा का माध्यम | हिंदी / Hindi |
| आधिकारिक वेबसाइट | upsssc.gov.in |
UPSSSC AGTA Exam Pattern 2026 — परीक्षा पैटर्न
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 को समझने से पहले Exam Pattern जानना जरूरी है। परीक्षा पैटर्न से पता चलता है कि किस भाग से कितने प्रश्न आते हैं और किस पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
| भाग (Part) | विषय (Subject) | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|---|
| Part 1 | कृषि एवं विज्ञान (Agriculture & Science) | 65 | 65 |
| Part 2 | कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी | 15 | 15 |
| Part 3 | उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (UP GK) | 20 | 20 |
| कुल योग | 100 | 100 | |
Part 1 — कृषि एवं विज्ञान सिलेबस (UPSSSC AGTA Syllabus 2026)
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 का सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़ा भाग Part 1 है। इसमें 65 प्रश्न होते हैं जो कृषि विज्ञान के विभिन्न उपविषयों पर आधारित होते हैं। नीचे प्रत्येक उपविषय का विस्तृत विवरण दिया गया है।
- फसलों का वर्गीकरण — प्रमुख अनाज, दलहन, तिलहन, मोटे अनाज, रेशेदार फसलें, नकदी फसलें, मसाले, चारा, फल, फूल और सब्जियां
- UP में उगाई जाने वाली मुख्य फसलें और उनकी उत्पादन तकनीक एवं कृषि अभ्यास
- फसल कटाई उपरान्त प्रबंधन (Post-Harvest Management)
- फल एवं सब्जियों का संरक्षण और प्रसंस्करण (Preservation & Processing)
- फसल चक्र के सिद्धांत, खेती के प्रकार — शुष्क, एकीकृत, प्राकृतिक, एकल, बहु-फसली, मिश्रित, अंतर-फसली
- जैविक खेती का सामाजिक-आर्थिक महत्व
- खरपतवार प्रबंधन (Weed Management) — प्रकार, हानि, नियंत्रण के तरीके
- फसल सुरक्षा — कीट, रोग, उनकी पहचान और एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM)
- जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) का कृषि में महत्व एवं उपयोगिता
- आनुवंशिकी (Genetics) और पादप प्रजनन के सिद्धांत, उपयोग और महत्व
- प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis), श्वसन (Respiration), वाष्पोत्सर्जन (Evaporation)
- पादप शरीर रचना (Plant Anatomy) और पादप उपापचय (Metabolism)
- उत्तम बीज (Quality Seed) — परिभाषा, महत्व, वर्गीकरण
- पौध संरक्षण में जैव प्रौद्योगिकी की भूमिका
- मृदा के गुण एवं घटक, मृदा निर्माण की प्रक्रिया
- मृदा अपरदन के प्रकार और संरक्षण तकनीक
- मृदा में आवश्यक पोषक तत्व, उनकी भूमिका एवं कमी के लक्षण
- उर्वरकों का वर्गीकरण, पोषक तत्व सामग्री और उपयोग की विधियां
- एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन (INM), जैव उर्वरकों के प्रकार एवं महत्व
- मृदा सूक्ष्मजीव विज्ञान (Soil Microbiology) और फसल उत्पादन में भूमिका
- मृदा सर्वेक्षण, मृदा नमूना लेने की विधि और मृदा संरक्षण तकनीक
- सिंचाई — स्रोत, विधि और महत्व
- जल निकास (Drainage) की मूल अवधारणा एवं विधियां
- जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन (Watershed Management)
- कृषि प्रसार के सिद्धांत एवं ग्रामीण विकास
- प्रसार शिक्षण विधियां — व्यक्तिगत, समूह, जन सम्पर्क माध्यम
- प्रसार कार्यकर्ता की भूमिका एवं दायित्व
- किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम — Krishi Vigyan Kendra (KVK), ATMA
- ग्रामीण विकास की सरकारी योजनाएं एवं कार्यक्रम
- कृषि में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) का उपयोग
- कृषि अर्थशास्त्र की मूल अवधारणाएं
- कृषि विपणन (Agricultural Marketing) — समस्याएं और सुधार
- सहकारी खेती एवं सहकारी विपणन
- फसल बीमा — PM Fasal Bima Yojana और अन्य योजनाएं
- कृषि साख (Agricultural Credit) — किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और इसका महत्व
- कृषि व्यापार एवं निर्यात नीति
- उद्यानिकी फसलों का वर्गीकरण एवं महत्व
- फलों, सब्जियों और फूलों की खेती की उन्नत तकनीक
- पौधशाला (Nursery) प्रबंधन
- ग्राफ्टिंग, बडिंग, कटिंग — वानस्पतिक प्रवर्धन विधियां
- Protected Cultivation — Greenhouse, Polyhouse, Shade Net
- UP में प्रमुख उद्यानिकी फसलें — आम, अमरूद, आलू, टमाटर, गन्ना
- गाय, भैंस, बकरी, सूअर और मुर्गी पालन की मूल जानकारी
- देशी एवं विदेशी पशु नस्लें — पहचान, विशेषताएं
- पशु पोषण — आहार, पशु आहार की गणना
- पशुओं के प्रमुख रोग, टीकाकरण कार्यक्रम एवं उपचार
- दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और प्रसंस्करण
- मत्स्य पालन (Fishery) और रेशम पालन (Sericulture) की मूल जानकारी
- प्रदूषण के प्रकार — वायु, जल, मृदा और ध्वनि प्रदूषण
- पर्यावरण संरक्षण एवं कृषि में जैव विविधता का महत्व
- जलवायु परिवर्तन और कृषि पर इसका प्रभाव
- जैव ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत
Part 2 — कंप्यूटर एवं सूचना प्रौद्योगिकी
UP Agriculture Technical Assistant Syllabus 2026 के Part 2 में 15 प्रश्न कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक से आते हैं। यह भाग अपेक्षाकृत आसान है और कम समय में तैयार किया जा सकता है।
- कंप्यूटर की मूल अवधारणाएं — Hardware, Software, Input/Output Devices
- ऑपरेटिंग सिस्टम (Operating System) — Windows, Linux की बुनियादी जानकारी
- MS Office — Word, Excel, PowerPoint का उपयोग
- इंटरनेट और ईमेल — Browse, Search, Email Send/Receive
- नेटवर्किंग की अवधारणाएं — LAN, WAN, Wi-Fi, Bluetooth
- साइबर सुरक्षा (Cyber Security) — वायरस, Antivirus, Password Safety
- डेटाबेस प्रबंधन की मूल जानकारी
- डिजिटल भुगतान प्रणाली — UPI, Net Banking, Mobile Banking
- कृषि में आधुनिक तकनीक — Drone Technology, Precision Farming, IoT
- सरकारी डिजिटल पहल — e-NAM, Digital India, PM Kisan, Kisan App
Part 3 — उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (UP GK)
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 के Part 3 में 20 प्रश्न उत्तर प्रदेश की विशेष जानकारी पर आधारित होते हैं। यह भाग UPSSSC की सभी परीक्षाओं में सामान्य रहता है, लेकिन AGTA में UP की कृषि नीतियों पर अधिक ध्यान दिया जाता है।
- उत्तर प्रदेश का इतिहास — प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक
- UP का भूगोल — नदियां, मिट्टी के प्रकार, जलवायु क्षेत्र, वन
- UP की जनसंख्या, साक्षरता और सामाजिक-आर्थिक सूचकांक
- उत्तर प्रदेश की कृषि — प्रमुख फसलें, कृषि क्षेत्र और उत्पादन
- UP की प्रमुख सरकारी योजनाएं — PM Kisan, Kisan Samman Nidhi, Atal Bhujal Yojana
- UP की कृषि नीति 2021 और इससे जुड़े सुधार
- उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, साहित्य और लोक परम्पराएं
- प्रमुख उद्योग और व्यापार केंद्र
- UP के प्रमुख पर्यटन स्थल और धरोहर
- वर्तमान राज्यपाल, मुख्यमंत्री और प्रमुख विभागों की जानकारी
- UP में चल रही प्रमुख परियोजनाएं — Ganga Expressway, Defence Corridor
- राज्य के पुरस्कार, विभूतियां एवं खेल उपलब्धियां
Negative Marking और Marking Scheme
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 की परीक्षा में Negative Marking का प्रावधान है। इसे अनदेखा करना बड़ी भूल होगी।
| स्थिति | अंक |
|---|---|
| सही उत्तर | +1 अंक |
| गलत उत्तर | −0.25 अंक |
| प्रश्न छोड़ा | 0 अंक |
| कुल प्रश्न | 100 |
| कुल अंक | 100 |
| परीक्षा अवधि | 120 मिनट |
महत्वपूर्ण किताबें और तैयारी की रणनीति
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 की तैयारी के लिए सही किताबों का चुनाव उतना ही जरूरी है जितना सिलेबस जानना। नीचे विषयवार किताबें और रणनीति दी गई है।
📚 Subject-wise महत्वपूर्ण Books
| विषय | अनुशंसित पुस्तकें |
|---|---|
| कृषि विज्ञान (Core) | Arun Katyayan — Krishi Vigyan, S.R. Reddy — Principles of Agronomy, ICAR की पाठ्यपुस्तकें |
| मृदा विज्ञान | N.C. Brady — The Nature and Properties of Soils, Prasad & Power — Soil Fertility Management |
| उद्यान विज्ञान | Chadha & Bose — Horticulture Handbook |
| पशुपालन | IGNOU के Animal Science Study Materials |
| कंप्यूटर | NIELIT CCC Study Material, Arihant Computer Awareness |
| UP GK | Lucent UP General Knowledge, UP Vishesh — Prabhat Prakashan |
| Previous Papers | UPSSSC AGTA Previous Year Question Papers (2024) |
🎯 UPSSSC AGTA 2026 — तैयारी की रणनीति (Strategy)
- Part 1 (कृषि) को सर्वोच्च प्राथमिकता दें: 65% अंक इसी से आते हैं। B.Sc Agriculture के ICAR curriculum को आधार बनाएं। UPSSSC AGTA Syllabus 2026 में Crop Science और Soil Science सबसे अधिक प्रश्न देते हैं।
- UP की कृषि योजनाओं पर विशेष ध्यान दें: PM Kisan, e-NAM, Kisan Credit Card, Paramparagat Krishi Vikas Yojana — ये सरकारी परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।
- Mock Test और Previous Papers जरूर हल करें: UPSSSC AGTA 2024 के प्रश्न पत्र से पैटर्न और कठिनाई स्तर समझें। रोज कम से कम 50 MCQ practice करें।
- Negative Marking की रणनीति बनाएं: जो प्रश्न पक्का पता न हो उसे छोड़ें। 75-80 सटीक प्रश्नों से अच्छा स्कोर संभव है।
- कंप्यूटर भाग को हल्के में न लें: 15 आसान अंक मिल सकते हैं अगर MS Office, Internet और Digital India Initiatives अच्छे से याद हों।
- Current Affairs — कृषि से जुड़ी: बजट 2026 में कृषि आवंटन, UP में नई कृषि नीतियां, PM PRANAM, Natural Farming Mission — ये GK में आ सकते हैं।
- Revision Plan बनाएं: UPSSSC AGTA Syllabus 2026 बड़ा है, इसलिए हर 2 हफ्ते में पूरे सिलेबस का एक Revision जरूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
📝 निष्कर्ष
UPSSSC AGTA Syllabus 2026 की तैयारी के लिए सबसे जरूरी है — Part 1 (कृषि विज्ञान) को गहराई से पढ़ना, क्योंकि यही 65 अंक तय करता है। UP Agriculture Technical Assistant Syllabus 2026 के अनुसार तैयारी करें, UPSSSC PET 2025 स्कोर सुनिश्चित करें, और आवेदन 22 मई से 11 जून 2026 के बीच करें।
सरकारी नौकरी की सबसे तेज और सटीक जानकारी के लिए UPSarkariJob.com पर विजिट करते रहें। किसी भी फॉर्म को भरने से पहले आधिकारिक UPSSSC अधिसूचना जरूर पढ़ें।
👉 UPSSSC AGTA Bharti 2026 — भर्ती की पूरी जानकारी यहाँ देखें
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